А¤‡а¤ўа¤ја¤ѕ А¤єа¤їа¤‚а¤—а¤іа¤ѕ А¤”а¤° А¤ёаґѓа¤·аґѓа¤®аґќа¤ёа¤ѕ А¤•аґќа¤їа¤ѕ А¤№аґ€ - What Is Ida Pingala And Sushumna

इसे 'ठंडी' ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। यह मानसिक ऊर्जा, भावनाओं और कल्पनाशीलता को नियंत्रित करती है।

इसे 'गर्म' ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। यह शारीरिक शक्ति, तर्क और सक्रियता को नियंत्रित करती है।

क्या आप इन नाड़ियों को संतुलित करने के लिए (जैसे अनुलोम-विलोम) के बारे में जानना चाहेंगे?

योग और अध्यात्म के अनुसार, हमारे शरीर में ऊर्जा के बहने के हज़ारों रास्ते होते हैं जिन्हें 'नाड़ियां' कहा जाता है। इनमें , पिंगला (Pingala) और सुषुम्ना (Sushumna) सबसे महत्वपूर्ण हैं।

यह सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक नाड़ी है। योग का मुख्य लक्ष्य इड़ा और पिंगला के बीच संतुलन बनाकर ऊर्जा को सुषुम्ना में प्रवाहित करना है।

2. पिंगला नाड़ी (Pingala Nadi) - 'सूर्य' नाड़ी

इसे आप इस तरह समझ सकते हैं:

जब ऊर्जा सुषुम्ना में बहती है, तभी आध्यात्मिक जागृति और 'कुंडलिनी' का उत्थान संभव होता है। इस अवस्था में मन पूरी तरह शांत और संतुलित हो जाता है।